Data Independence & difference between physical & logical

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Data Independence & difference between physical & logical

अगले Level में Schema definition को बिना प्रभवित किये, एक लेवल में schema definition को modify करने की ability को data independence कहते है|

दूसरे शब्दों में कहें तो, “DBMS में, Data independence एक विशेषता है जिसके द्वारा हम अगले उच्च level पर database schema को बदले बिना, डेटाबेस सिस्टम के एक level पर database schema को बदल सकते हैं|”

Data independence का प्रयोग करके हम data को सभी programs से अलग रख सकते हैं और डेटा इंडिपेंडेंस को three schema architecture के द्वारा आसानी से समझा जा सकता है|

Types of Data Independence:

  1. Logical data independence
  2. Physical data independence

Logical data independence in Hindi

  • बिना external schema ( view level ) को बदले logical schema (conceptual level) को बदलना logical data independence कहलाता है।
  • इसका प्रयोग external schema को logical schema से अलग रखने के लिए किया जाता है.
  • यदि हम data के conceptual level पर कोई बदलाव करते है तो इसका प्रभाव view level पर नहीं पड़ता.
  • यह user interface level पर घटित होता है.
  • उदहारण के लिए– एक्सटर्नल स्कीमा में बिना बदलाव किये, conceptual schema के लिए नयी entities, attributes को जोड़ना या मिटाना संभव है।

Physical Data Independence in Hindi

  • Logical schema में बदलाव किये बिना physical schema में बदलाव करना physical data independence कहलाता है|
  • यदि हम database system server के storage size को change कर दें, तो इसका प्रभाव database के conceptual structure पर नहीं पड़ेगा|
  • इसका प्रयोग conceptual level को internal level से अलग रखने के लिए किया जाता है|
  • यह logical interface level पर घटित होता है|
  • उदाहरण – database की location को C drive से D drive में बदलना|

Difference between Physical and Logical Data Independence 

       Physical Data Independence     Logical Data Independence
यह मुख्य रूप से इस बारे में चिंता (concern) करता है कि data को system में कैसे store किया जाता है। यह मुख्य रूप से structure या data definition के changes के बारे में concern करता है।
logical independence की तुलना में इसे प्राप्त करना आसान है. physical independence की तुलना में इसे प्राप्त करना मुश्किल है.
physical level में changes करने के लिए हमें आमतौर पर application program level पर changes की आवश्यकता नहीं होती है। logical level पर changes करने के लिए हमें application level पर change करने की आवश्यकता होती है.
यह internal schema के बारें में बताता है. यह conceptual schema के बारें में बताता है.
structure को बेहतर बनाने के लिए internal level पर किये बदलाव की आवश्यकता हो भी सकती है या नहीं भी हो सकती.. जब भी डेटाबेस के logical structure को बदलना हो, तो logical level पर किया गया बदलाव महत्वपूर्ण होता है।
उदाहरण- compression तकनीक में बदलाव, hashing algorithm, storage device आदि. उदाहरण – नए attribute को add/modify या delete करना.

 

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