Memory Hierarchy, RAM and ROM Memory and Memory Address Map

0
74

Memory Hierarchy, RAM and ROM Memory and Memory Address Map

Computer में Memory Hierarchy के द्वारा Memory को organize किया जाता है जिससे कि Access time को Reduce किया जा सके है| Memory organization Memory hierarchy के द्वारा किया जाता है| इससे Computer के programs को Fast memory मिलती है| Memory hierarchy को एक program के behavior के आधार पर Develop किया जाता है|

Memory hierarchy के design को दो प्रकारों में divide किया जाता हैं|

Secondary Memory

Computer में Storage device को Computer की Secondary memory के रूप में जाना जाता है। यह non-volatile है इसलिए Computer बंद होने पर भी Permanently data store रहता है। CPU सीधे Secondary memory तक access नहीं सकता है। पहले Secondary memory data को Primary memory में transfer किया जाता है फिर CPU इसे access कर सकता है। Secondary memory में Magnetic Disk, Optical Disk, Magnetic Tape आदि आते हैं|

Primary Memory

इसे Processor के द्वारा Direct access किया जाता है| इस Memory में Main memory, Cache memory और CPU register आते हैं|

RAM and ROM Memory

Random Access Memory(RAM)

इसका पूरा नाम Random Access Memory है | इसमें Information को write व read किया जाता है | यह Temporary व volatile होती है | इसमें information तब तक रहती है जब तक computer on रहता है | जब computer off हो जाता है तब data delete हो जाता है | इसलिए एक backup UPS का use computer के साथ किया जाता है |

Type of RAM
  1. DRAM – इसका पूरा नाम Dynamic Random Access Memory है | इसमें data store रखने के लिए हमे बार बार Refresh करना पढ़ता है | ताकि data उसी में Save रहे | इसको बनाने में एक Transistor व एक capacitor का use होता है |
  2. SRAM – इसे Synchronous dynamic Random Access Memory कहा जाता है | इसमें अगर हमे data safe रखना है तो हमे लगातार Electricity on रखना पड़ेगा ताकि ये चलता रहे और इसका data store रहे |

Read Only Memory (ROM)

Read Only Memory एक प्रकार का electronic storage है | जो manufacturing के द्रारा device में built in होता है | इसमें information को सिर्फ read किया जाता है | यह permanent होती है | यह non-volatile है | इसमें information तब भी रहती है जब computer off हो जाता है |

Type of ROM
  1. PROM – इसे Programmable Read Only Memory कहते है | PROM को केवल एक बार program किया जा सकता है | Static electricity का एक झटका आसानी से PROM के fuses को जलाने का reason बन सकता है | bits को 1 से 0 में बदल देता है |
  2. EPROM – Erasable Programmable Read Only Memory है | E PROM memory को कई बार program किया जा सकता है | | E PROM memory पहले store information को change करने के लिए Ultraviolet light का use किया जाता है |
  3. EEPROM – इसका पूरा नाम Electrical Erasable Programmable Read Only Memory है | EEPROM में data bytes को Erase तथा Reprogram किया जा सकता है | इसमे data byte को electric charge से erase करते है | जिससे use reprogram किया जा सके |

Memory Address Map

Memory Addressing Data Tracking के लिए एक device या CPU द्वारा use किया जाने वाला Specific identifier है | यह Binary address का एक Ordered and finite sequence द्वारा defined किया गया है | जो CPU को प्रत्येक Memory byte के स्थान को Track करने को allow करता है |

Modern computer को bytes द्वारा addressed किया जाता है | जो Memory address को assigned किया जाता है |  Binary number एक Random Access Memory (RAM) सेल को assigned किया जाता है | जो एक byte तक रखता है |

Hardware device और CPU data buses के medium से Memory address तक पहुँच कर stored data को Track करते है | CPU processing से पहले, data और program को Unique memory address location में store किया जाता है |

Operating system read only memory (ROM), Basic Input Output System (BIOS) program और device drivers को memory address की need होती है |

Type of Memory Addresses

1. Physical Addresses

एक Digital computer की Main memory में कई Memory location होते है | प्रत्येक Memory location का एक Physical address होता है | जो एक code के रूप में होता है | System software, Basic Input Output System (BIOS) Operating system, Address physical memory, Memory machine code का use operand या Processor register, CPU का Instruction देने वाला Hardware device directed करने के लिए कहा जाता है | Memory controller की bus में कई parallel lines होती है, जिनमे से प्रत्येक को Binary digit (bit) द्वारा Represented किया जाता है |

What is Cloud Computing in hindi

2. Logical Addresses

एक Computer program machine code की Execute करने और data को store और Retrieve करने के लिए Memory address का use करता है | Early computer में logical और Physical address corresponded है | लेकिन Virtual memory की शुरुआत के बाद में Application program को Physical addresses का Knowledge नहीं होते है | इसके बजाय, वे computer की Memory management unit और Operating system memory mapping का use करके Logical address को Represented करते है |

Striver’s SDE Sheet Problem

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here