Need of Modulation in Communication System

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Definition of Modulation

Modulation एक ऐसा Process है जिसमें Carriers signal को एक या एक से अधिक Parameters से Change कर दिया जाता है| ये Parameters है:- Amplitude, Frequency तथा Phase|

Modulation एक ऐसा Process है जिसमें कम Frequency के Signal high Frequency के signal में change कर दिया जाता है अर्थात् Modulated कर दिया जाता है| इन Signal को Modulated इसलिए किया जाता है क्योंकि ये Low frequency signal होते है अर्थात् इनकी Energy कम होती है जो ज्यादा Distance तक नहीं पहुँच पाते है| जो signal होता है वह बीच में ही Destroy हो जाता है तथा Receiver तक नहीं पहुँच पाता है|

Types Of Modulation

Amplitude Modulation

यह एक ऐसा Process है जिसमें Carriers signal का Amplitude message signal के अनुसार Change कर दिया जाता है परन्तु Phase तथा Frequency Constant रहती है वो Change नहीं होती है|

Frequency  Modulation

Analog signal की Frequency को Digital signal (0 और 1) के अनुसार Change हो जाता है जबकि Frequency और Phase constant रहते हैं |

Phase  Modulation

इसमें Analog signal के Phase को Digital signal के अनुसार Change किया जाता है जबकि Amplitude और Phase Constant रहता है Computer network में Data Transmission के लिए मुख्यतः Phase  Modulation का use किया जाता है |

Need of Modulation

  • Antenna की Height को कम करने के लिए:- जब हम Transmission करते है तो हमें बहुत ज्यादा Height वाले Antenna को कम करना पड़ता है|आपने देखा होगा कि पहले जो Wireless device होती थी | Example Radio, TV  तो इनके Antenna की Height ज्यादा होती थी अब जो device आती है उनके Antenna की Height बहुत छोटी होती है|
  • Multiplexing के लिए:- Multiplexing एक समय में एक Chanel द्वारा सभी Signal का Transmission का Process करता है |
  • बिना Modulation के हम Multiplexing नहीं कर सकते है |
  • Message signal में Noise बहुत ही अधिक होती है तो उस Noise को कम करने के लिए Modulation की आवश्यकता होती है|
  • Signal की Power को बढ़ाने के लिए|
  • बहुत Distance तक Transmission करने के लिए|
  • Signal की Bandwidth को बढाने के लिए|

Concept of Modulation

Modulation दो Type के होते है |

Analog Modulation

Analog modulation analog कम Frequency base-band signal को Transmission करने की Process को Refers करता है| जैसे कि एक Audio या TV signal high frequency carrier signal जैसे Radio Frequency Band पर होते है । इस Modulation के लिए Base-band signal हमेशा Analog होता है।

Type of Analog Modulation

Amplitude Modulation (AM)

Amplitude Modulation या AM message signal के Temporary Amplitude के अनुसार Carrier signal के Temporary Amplitude को Change करने की Process है।

Advantage of AM

AM modulation का सबसे Simple type है। Transmitter और Receiver दोनों का Hardware design बहुत ही Simple और कम cast वाला है।

Frequency  Modulation

Analog signal की Frequency को Digital signal (0 और 1 ) के अनुसार Change हो जाता है जबकि Frequency और Phase Constant रहते हैं |

Advantage of FM

Modulation और Demodulation किसी भी Chanel के Noise को नहीं पकड़ता है।

Phase  Modulation

इसमें Analog signal के Phase को Digital signal के अनुसार Change हो जाता है जबकि Amplitude और Phase Constant रहता है Computer network में Data Transmission के लिए मुख्यतः Phase  Modulation का use किया जाता है |

Advantage of PM

Modulation और Demodulation किसी भी Chanel के Noise को नहीं पकड़ता है।

Digital Modulation

Analog modulation digital कम Frequency base band signal को Transmit करने की Process को Refers करता है| जैसे कि Computer से Digital bit stream high frequency carrier signal Example Radio Frequency band पर होते है। base band signal को छोड़कर कुछ हद तक Analog modulation के समान Digital modulation discrete amplitude level है। Binary signal के लिए इसके केवल दो Level होते हैं| या तो High (1) या Low (0)।

Type of Modulation

Frequency Shift Key (FSK)

जब Data carrier की Temporary Frequency को Change कर Broadcast किया जाता है| तो हमारे पास Frequency Shift Key का case होता है। इस Modulation में carrier की दो पूर्वनिर्धारित Frequency w c1 और w c2 | जब Information bit 1 carrier होता है जिसमें w c1 Broadcast होता है अर्थात cosw c1 और जब Information bit 0 होता है w c0 के साथ Carrier Broadcast होता है अर्थात cosw c0 |

Phase Shift Key (PCK)

इस Modulation के लिए carrier के Temporary phase को Transmit कर दिया गया है। यदि Base band signal m(t) =1 phase में carrier Sender होता है। यदि m(t)=0 carrier phase से बाहर है अर्थात cos(w c t+П) Sender किया जाता है । अगर Phase Shift 4 अलग-अलग Conduct में की जाती है तो एक बार में 2 bit की Information send की जा सकती है। यह Plan PCK Modulation का एक विशेष case है जिसे QPCK या Conductress  phase shift की के रूप में जाना जाता है।

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