Network Models and Client Server Model & its Types

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Network Models

Networking Engineering एक Complex work है जिसमें Software Frame ware chip level engineering hardware और Electronic include हैं| Network Engineering को आसान बनाने के लिए पूरी Networking concept को कई Layers में divide किया गया है|

प्रत्येक Layer किसी विशेष work में include है और अन्य सभी Layers से Free है| लेकिन सभी Networking work इन सभी Layers पर Depend करते हैं| Layers उनके बीच Data share करती हैं और वे केवल Input लेने और Output send करने के लिए एक-दूसरे पर Depend हैं|

What is  Client Server Model

Client Server Model एक ऐसा Network Communication का Model है जो यह बताता है कि Network में Include Machines आपस में कैसे Communicate करती है व Information Exchange करती है | इस Networking Model में दो Main word का use किया जाता है Server और Client का | Server machine वह Machine होती है जो कि Network में Include अन्य Machine को Service available कराती है| Client computer वह Computer होते हैं जो कि Server computer से Contact establish कर Server computer की Services receive करते हैं|

Type of Client Server Services

Server computer कई तरह की Service available करा सकता है| Service के आधार पर Server computer को Service के नाम से जाना जाता है| Example – Email Server, Database Server, Web Sever इत्यादि|

1. Email Server

Email Server Email से Related Service Available कराती हैं| Email Server द्वारा Client Computer एक दूसरे को Message व Mail send कर सकते हैं| Email Server Client Computer के सभी Mail व Message अपने पास Save रखता है| अगर Client अपने Email को Read करना चाहे तो Server उस Client से Related सभी Email उस Network से Send कर सकते है|

2. Database Server

इस तरह के Server Computer बहुत बड़ी मात्रा में Client Computer की Information व Data अपने पास Store रखती है| Client machine database server से Contact स्थापित करके अपनी Information व Data को Server Computer में Save कर सकते हैं व जब चाहें अपनी Save किये हुए Data को Receive भी कर सकते हैं|

3. Web Sever

यह Server Website से Related file को अपने पास Save रखते हैं तथा जब भी Client computer द्वारा Web page को Access किया जाता है तो Web server वे web page की File को Client को send कर देते हैं| इसका Example है Web Browser है| Web Browser Client Software ही होता है इस Software में user Web page से Related URL को type करता है, Web Browse इस type किये हुए URL के जरिये Web pageउससे Contact स्थापित करता है जिसके पास यह Web page होता है, Client की Request आने के बाद Web server Browser को web page send कर देता है, इसके बाद Browser इस Web page को Process कर user को Web page में मौजूद Current  computer show पर करता है|

What is Peer to Peer Model

Peer-to-Peer Network Model और Server को अलग नहीं करता है| इसमें प्रत्येक Node Self Client और Server होता है। मतलब Client-Server के opposite, Peer-to-Peer Model Client और Server के बीच अंतर नहीं करता है Peer-to-Peer Network में, प्रत्येक Node service के लिए Request और Reply दोनों कर सकते हैं।

Peer-to-Peer Network Model में Client-Server पर यह advantage है कि Server में  bottlenecked नहीं होती है क्योंकि Peer-to-Peer System में कई Nodes द्वारा Service provide की जाती हैं।

Advantage of Peer-to-Peer Network

  • Peer-to-Peer Network में प्रत्येक Computer self को Manage करता है। इसलिए, Network Setup और Maintenance के लिए काफी Easy है।
  • Client Server Network में, Server Client के सभी Request को Control करता है। Peer-to-Peer Computing में इस Provision की आवश्यकता नहीं है |
  • Peer-to-Peer Network में स्केल करना और अधिक Nodes Add करना easy है। यह केवल System की Data Sharing Capacity  को Increase करता है।
  • Peer-to-Peer Network में कोई भी Node अपने work के लिए दूसरों पर depend नहीं करता है।

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