Subnetting & Supernetting and Network Address Translation

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What is Subnetting

Subnetting एक ऐसी Technique है जिसके द्वारा एक Physical network को कई छोटे Size के Logical Sub network में divide किया जाता हैं और इन Subnetwork को Subnet के रूप में जाना जाता है। एक IP address network segment और एक Host segment से मिल कर बनता है।

IP Address के Host segment में कुछ change करके एक subnet का निर्माण किया जाता है जो Basic network में कई छोटे Size के Sub-network को Assign करने के लिए use  किया जाता है। Subnetting Basic रूप से Host bits को Network bits में change करता है। Subnetting network admin को एक ही Network को उसके Subnetwork को  class A, class B, class C network को छोटे भागों में divide करने की Allow कर देता है।

VLSM (Variable Length Subnet Mask) एक ऐसी Technique है जो IP address को अलग-अलग Size के Subnet में divide करती है और memory wastage को रोकती है। इसके अलावा, जब हर एक Subnet में Hosts की संख्या समान होती है तो उसे FLSM (Fixed Length Subnet Mask)के रूप में जाना जाता है।Subneting broadcast domain को divide करता है, जिसका अर्थ है कि Network में Traffic को कुशलता से रूट किया जाता है जिससे Network की speed और के प्रदर्शन में काफी सुधार होता है साथ ही subnet network की Security को भी मजबूत करता है।

advantage of subnetting

  • इसमें Network की Security बेहतर होती है क्योंकि हम प्रत्येक subnet को manage कर सकते है|
  • छोटे होने से collision domain और Broadcast domain  भी छोटे हो जाते है जिससे Traffic और Breakdown की problemमें कमी आती है|
  • इसमें Administrative control बेहतर हो जाता है क्योंकि बड़े Network की तुलना में छोटे Network को manage तथा administrate करना आसान होता है|
  • इसमें हम एक ही Network में दो या दो से अधिक LAN technology का use कर सकते है|
  • subnetting internet में IP addresses की problem को solve करने में बहुत ही सहायक होते है|
  • subnets internet  में routing tables के size को minimize करता है|

Supernetting

Supernetting जो है वह Subnetting की opposite की method है| Subnetting में एक Network को दो या दो से अधिक छोटे Network में divide कर दिया जाता है| जबकि Supernetting में छोटे छोटे Network को मिलाकर एक बड़ा Network बनाया जाता है जिसे Supernetwork या supernet कहते है|Supernetting को classless inter-domain routing (CIDR) भी कहते है| CIDR वास्तव में एक Network है जिसके द्वारा दो या दो से अधिक Network मिलकर एक बड़े Network का निर्माण करते है|

Advantage of Supernetting

  • इसके द्वारा Router अच्छी तरह से routing की Information को store कर सकता है|
  • इसके द्वारा organisation अपने Network size को बदल सकती है|
  • यह addresses को secure रखता है|
  • इससे Network की performance तथा speed बढती है|
  • Network के congestion में कमी आती है|
  • यह CIDR address coding scheme को support करता है|

Network Address Translation

Network Address Translation (NAT) एक ऐसी process है जहां एक Network device, आमतौर पर एक Firewall, एक Private Network  के अंदर एक Computer (या Computer का group) के लिए एक Public IP  provide करता है। NAT का मुख्य use Public IP  की संख्या को सीमित करना है जो किसी Organisation को Economy और Security Purpose  के लिए use करना चाहिए। किसी भी Device को Internet से जुड़ने के लिए IP Address की आवश्यकता होती है। यदि आपके Work Environment में 10 Device है तो इन्हें Internet से जुड़ने के लिए 10 ही IP Addresses की आवश्यकता होगी। जैसा की आपको पता है Internet बहुत अधिक Speed से बढ़ रहा है और IP address की सँख्या जरुरत से कम है, इसलिए इस problem से निपटने के लिए IPV6 को Develop किया जा रहा है लेकिन उसे Implement होने में अभी काफी समय लगेगा।  ऐसी Situation में IP address की आवश्यकता को पूरी करने के लिए NAT (Network Address Translation) का use किया जा रहा है।

NAT (Network Address Translation) Cisco द्वारा Develop किया गया है। ये एक Mechanism होता है जो आपके Private Network और Internet के बीच work करता है। NAT किसी Device पर work करता है। ये Device कोई भी हो सकता है जैसे की firewall और Router आदि NAT को IETF RFC 1631 में define किया गया है।

Types of Network Address Translation-NAT

Static NAT

इसमें एक Signal बिना Resister किये हुए IP address को एक giggle और Resisted यानी कि Public IP address से map किया जाता है। इसे Local और Gobble address के बीच One to one mapping भी कहते हैं। इसका use  web hosting के लिए किया जाता है। इन्हें Organization में इसीलिए use नहीं किया जाता क्योंकि बहुत ऐसे डिवाइस होंगे जिन्हें Internet access की जरूरत होगी और उन्हें Internet access देने के लिए Public IP address नहीं चाहिए होती।

मान लीजिये तीन हजार ऐसे device हैं जिन्हें Internet access चाहिए तो Organization को उतने ही Public address खरीदने पड़ेंगे और ये काफी महँगा भी हो जाएगा।

Dynamic NAT

Dynamic NAT में, बहुत सारें local IP address को global IP address के एक pool में map किया जाता है. इसका use तब किया जाता है जब हमें यह पता होता है कि कितने users एक निश्चित समय में Internet को access करना चाहते हैं|

PAT (Port Address Translation)

इसे NAT overload भी कहते हैं इसमें बहुत local IP address को केवल एक global IP address में map किया जाता है| इसका use सबसे ज्यादा किया जाता है क्योंकि इसमें केवल एक global IP address के द्वारा हजारों devices को internet से connect किया जा सकता है|

Advantages of NAT

  • NAT (Network Address Translation) का मुख्य लाभ यह है कि यह IPv4 Address की कमी को रोक करता है।
  • NAT (Network Address Translation) Original Source Address और Destination Address को  covert security की एक अतिरिक्त Layer provide कर करता  है।
  • NAT (Network Address Translation) Public Network (Internet)  से जुड़ने पर flexibility बढ़ाता है।
  • NAT (Network Address Translation) अपने निजी IPv4 Addressing System का use करने की Allow कर देता है और यदि आप Service provider को बदलते हैं तो Internal Address में बदलाव को रोक सकते हैं।

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