What is Operating System Structure

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What is Operating System Structure

Operating System Structure

Operating System, User Application Program को Hardware से Interact करने की सुविधा प्रदान करता है | चूँकि Operating System एक Complex Structure है इसलिए इसे अत्यंत सावधानी से बनाया जाता है, जिससे की इसे आसानी से Use तथा आवश्यकतानुसार Update किया जा सके | Operating System को Multiple Parts में Divide करके बनाया जाता है, जिससे की Structure से Related Problem न Generate हो | प्रत्येक Parts का Input, Output तथा Function निर्धारित होता है |

Types of Operating System Structure :

  • Simple Structure
  • Layered Structure
  • Micro-Kernel Structure
  • Modular Structure

Simple Structure

इस प्रकार के Operating System का Structure Define नहीं होता है, ये Size में Small तथा Simple होते हैं | इसका मुख्यः उदहारण MS-DOS Operating System है | जिसे छोटे Scale पर कार्य करने के लिए बनाया गया था | ये छोटे से System के रूप में शुरू हुए और तेजी से इनके Scope (कार्य क्षमता) में वृद्वि होती गयी | इस प्रकार के Operating System में यदि कोई एक Program Fail होता है तो पूरा Operating System Crash हो जाता है |

 

Layered Structure

इस प्रकार के Operating System, Layers में Divided होते हैं | इसमें, Bottom Layer, Hardware तथा Top Most Layer Layer, User Interface है | ये Layers इस प्रकार Design की गयी है जिसके अनुसार upper Layer केवल अपने Below Layer की Functionalities को Use कर सकती है | यह Debugging की Process को Simplify करता है यदि किसी layer में Bug आता है तो केवल उसी Layer को Debug करना होती है, क्योंकि Bottom Layer को पहले ही Debug होती है, जिससे उस layer के Upper Layer को Debug करने की आवश्यकता नहीं होती है | UNIX इस प्रकार के Operating System का Example है |

 

Micro-Kernel Structure

यह Structure, Kernel से Non-essential Components को Remove करके System तथा User Program को Implement करके operating System को Design करती है | इसके परिणामस्वरूप Smaller Kernel, micro Kernel में Convert हो जाता है | इस Structure मुख्यः Advantage यह है की New Services को User Space में Add किया जाता है, इसके लिए Kernel को Modify करने की आवश्यकता नहीं होती है | इसीलिए यह More Secure and Reliable है | इस प्रकार के System में यदि एक Program Fail हो जाता है तो अन्य Program Untouched रहते हैं | Mac OS इस प्रकार के Operating System का Example है |

Modular Structure

Operating System को Design करने के लिए यह सबसे अच्छा Approach है | यह Operating System को Design करने के लिए Modular Kernel को implement करता है | Kernel में केवल set of Core Component Added होती है, अन्य Services, Run time अथवा Boot time पर Dynamically, kernel के Loaded Module में Add होती है |

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